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जैन तीर्थंकर और जैन तीर्थ

Shri Avanti Parshwanath Ujjain – गाथा श्री अवन्ति पार्श्वनाथ की

कल्याण मंदिर स्तोत्र की रचना का रहस्य : नवकार के लघु स्वरुप की रचना करने के कारण संघ से बाहर निकाला गया प्रकांड पंडित श्री सिद्धसेन दिवाकर को, शर्त्त रखी गई यदि कोई प्रभावक कार्य करेंगे तो संघ में वापस लिया जाएगा फिर क्या हुआ जानने के लिए देखें ये डाक्यूमेंट्री फिल्म..

हे महावीर!

हे प्रभु!वीर वीर!महावीर!!!तार देना!पार लगा देना!!मुझ में शक्ति नहींऔर कुछ...

महावीर स्वामी का जीवन चरित्र

महावीर स्वामी का जीवन चरित्र सबसे अद्भुत है1 माता पिता के प्रति प्रेम...
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मति, श्रुत, अवधि और मन: पर्यव ज्ञान होने पर भी भगवान महावीर ने “ध्यान”...

मति, श्रुत, अवधि और मन: पर्यव ज्ञान होने पर भी भगवान महावीर ने "ध्यान" किया.वर्तमान में क्या हो...

क्या है एक “जैन मंदिर?”

क्या है एक "जैन मंदिर?1. अद्भुत "स्थापत्य कला"2. "वास्तु शास्त्र" के सिद्धांतों का संपूर्ण और सूक्ष्मतम पालन 3. "ज्योतिष शास्त्र" के अनुसार शुभतम मुहूर्त्त...

हे आदिनाथ !

हे आदिनाथ !त्वच्चिन्तनम् जनयते विमलप्रबोधं त्वच्चिन्तनम् जनयते सकलप्रमोदं त्वच्चिन्तनम् जनयते सकलार्थसिद्धिम् त्वच्चिन्तनम् जनयते खलु मोक्षसिद्धिम्आपका चिंतन करने से बुद्धि निर्मल हो जाती है. आपका चिंतन करने से सब...

आने वाले भव में रावण भी तीर्थंकर बनेगा और सीता उनकी गणधर

जैन धर्म के अनुसार त्रिखण्डाधीश्वर लंकाधिपति प्रतिवासुदेव रावण के भव्य राज महल के गृह मंदिर में नीलरत्नमय "श्री मुनिसुव्रत भगवान्" की अलौकिक प्रतिमा विराजमान थी. जिसकी वो नित्य पूजा...
munisuvrat swami

श्री मुनिसुव्रत स्वामी भगवान

परम आराध्य श्री मुनिसुव्रत स्वामी भगवान जिनके दर्शन मात्र से "शनि" का दुष्प्रकोप भस्म हो जाता है. द्वारिका नगरी का नाश हुआ तो यादवों द्वारा श्री...
Saraswati

“सरस्वती” स्पेशल (भाग-2)

"सरस्वती" स्पेशल (भाग-1) से आगे .....3.5 करोड़ श्लोक लिखने वाले श्री हेमचन्द्राचार्य ने "ॐ अर्हं मुखकमलनिवासिनी पापात्मा क्षयंकरि.." का मंत्र दिया है. इसे नकारने का...

“सरस्वती” स्पेशल (भाग – 1)

1. नवकार मन्त्र का महत्त्व सर्वस्वीकार्य है । प्रमुख कारण यह भी कि  इसमें व्यक्ति विशेष के बजाये पदों को नमस्कार किया गया है...
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