जैन संस्कार

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क्या कभी कभार पाप करने की छूट मिल सकती है?

क्या "मौज-मस्ती" के लिए कभी कबार पाप करने की छूट मिल सकती है? (Whether sin be allowed sometimes to commit)? कुछ लोगों का कहना है कि मैं...
prem bada ya adar bada, jainmantras, jains , jainism

“प्रेम” बड़ा या “आदर” बड़ा?

"धर्म" के प्रति "प्रेम" हो या "आदर?" "प्रेम" बड़ा या "आदर" बड़ा? पहले "आदर" होता है या "प्रेम?" बहुत ही गंभीर बात है. पुत्र का माता के प्रति "प्रेम"...
parampita aur uske putra, jainmantras, jains ,jainism

परमपिता और उसके पुत्र

"अरिहंत परमात्मा" को हम "परमपिता" कहते हैं. उस "पिता" के हम "पुत्र" कैसे हैं? लायक या नालायक? गुरु भी तीर्थंकर को परमपिता कहते हैं और हम भी उन्हें परमपिता कहते हैं. फिर...
stotra din me sirf ek bar padhe, jainmantras, jains, jainism

स्तोत्र दिन में सिर्फ एक बार पढ़ें

स्तोत्र दिन में सिर्फ एक बार पढ़ें  कुछ लोग एक ही स्तोत्र दिन में कई बार पढ़ते हैं. जैसे भक्तामर : 3 बार ऋषिमण्डल : 3...
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गृह मंदिर को “श्रेष्ठतम” बनाएं.

 गृह मंदिर को "श्रेष्ठतम" बनाएं. अच्छे गृह मंदिर का घर की  सुख शान्ति से सीधा  सम्बन्ध है. प्रश्न: यदि घर के बाथ रूम में 2 लाख...
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वर्षी तप किसलिए?

बेले-बेले (लगातार दो-दो उपवास) की तपस्या करने वाले अम्बड़ श्रावक को  "वैक्रिय-लब्धि" प्राप्त हो गयी. वैक्रिय-लब्धि से व्यक्ति अलग अलग रूप धारण कर सकता है. ऐसे दूसरे भी श्रावक...
aim namah

ऐं नम:

सरस्वती का मूल मंत्र है  : ऐं नम: विश्वास नहीं हो पाता कि इस मंत्र में कितना "भरा" हुआ है.   पर बच्चों के लिए तो ये...
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चिंतन कणिकाएं-7

मामूली सा प्रकाश देने वाले "दीपक" को भी दिवाली के समय रगड़-रगड़ कर चमकाया जाता है. प्रश्न है : "आत्म-ज्योति" को प्रकाशित करने वाला "दीपक" अभी कहाँ है? (चमकाने की बात तो...
bhakti ki shakti, jainism, jain mantras

भक्ति की शक्ति !

"दार्शनिक" (Philosopher) "सुकरात" (Socrates) को जहर का प्याला पिलाया गया, उनका जीवन बचा नहीं. यही किस्सा "स्वामी दयानन्द" (Swami Dayanand) के साथ भी हुआ, उनका जीवन भी...

“चैत्य-वंदन”

हर जैनी को "चैत्य" (JAIN TEMPLE) और "चैत्य-वंदन" की महत्ता (IMPORTANCE) जरूर समझ लेनी चाहिए. PART - 1 एक श्रावक जब मंदिर में प्रवेश करता है तक सबसे पहले...
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