ध्यान

dhyaan aur avadhi gyan

काउसग्ग : जैन विधि से “ध्यान” की “सरलतम” व्याख्या

काउसग्ग : जैन विधि से "ध्यान" की "सरलतम" व्याख्या काउसग्ग में सबसे पहले "शरीर" का भान भूलना है. (जैसे कि "दिगंबर" साधू अपने "शरीर" का भान...
mati gyan and shrut gyan jainmantras

“मति-ज्ञान” और “श्रुत-ज्ञान”

"मति-ज्ञान" के बिना "श्रुत-ज्ञान" "अधूरा" है और "श्रुत ज्ञान" के बिना "मति-ज्ञान" "अधूरा" है. वर्तमान में ये दो ज्ञान - मति ज्ञान और श्रुत ज्ञान, अभी भी सम्पूर्ण...
meditation through jainism, meditation in jainism, jain mantras

चिंतन कणिकाएं-6

हमारे "दिल" में अभी "भगवान्" की "चाहत" ही कहाँ है. हमारे खुद के दिल की "धड़कन" को तो मापने के लिए हमें डॉक्टर की जरूरत होती है. (प्रश्न गम्भीर है). जब...
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चिंतन कणिकाएं-7

मामूली सा प्रकाश देने वाले "दीपक" को भी दिवाली के समय रगड़-रगड़ कर चमकाया जाता है. प्रश्न है : "आत्म-ज्योति" को प्रकाशित करने वाला "दीपक" अभी कहाँ है? (चमकाने की बात तो...

सम्यक दर्शन क्या होता है?

"सच्ची" बात पर "सच्ची" "आस्था" रखना, यही "सम्यक दर्शन" है. हर एक "प्राणी" के लिए "शाश्वत सत्य" "आत्मा" है. आज हम "आत्मा" को "छोड़कर" बाकी सभी चीजों...

आत्म-दर्शन की अनुभूति

जिन-मंदिर (jain temple) के "प्रांगण" (lobby) से होते हुवे "गर्भ-गृह" में "भगवान्" के दर्शन करना वैसा है मानो व्यक्ति अपने "शरीर-प्रांगण" से होते हुवे अपनी "आत्मा" के "दर्शन"...
meditation by jainmantras, focus on thoughts

चिंतन कणिकाएं-2

1."समृद्धि" प्राप्त करने का "अधिकार" हर जीव को है. परन्तु देखा ये गया है कि "अधिकतर" लोग "अधिकारों" का "दुरुपयोग करते हैं. "थोड़ी" सी "समृद्धि" मिली नहीं...
Meditation in jainism, jain meditation therapy

चिंतन कणिकाएं-3

1. मृत्यु शय्या : "पूरे दिन में हमने क्या किया" इसका विचार करने के लिए हमें रात को सिर्फ 10 मिनट चाहिए (हकीकत में तो दस मिनट...
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चिंतन कणिकाएं-4

  1.एक वकील केस "लड़ता" है. ये "लड़ना" शब्द ही बता रहा है कि "कोर्ट" (court) में उसे क्या करना पड़ता है. "झूठ" को "सत्य" जैसा "प्रकाशित" करना...
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चिंतन कणिकाएं-5

1."अरिहंत" कभी नहीं कहते कि तुम "मेरी" शरण में आ जाओ. ये तो "गुरु" कहते हैं कि "तुम" "अरिहंत" की शरण लो. हो ये रहा है...
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