shantinath bhagwan

ॐ सौं ह्रीं नमो श्री शान्तिनाथाय झ्रौं झ्रौं स्वाहा

ॐ सौं ह्रीं नमो श्री शान्तिनाथाय झ्रौं झ्रौं स्वाहा ।।ये मंत्र नवस्मरण के "सन्तिकरं" स्तोत्र से उद्धृत हुआ है जिसका प्रकटीकरण jainmantras.com...

भजन कौन-से गाएं?

बहुत ही महत्वपूर्ण-----------------------जय जिनेन्द्र ?कष्ट, संकट,दुर्भाग्य मिटे,संकट कटे,पीरा मिटे,दरिद्र मिटे...इस तरह के शब्द जिस किसी स्तवन्,भजन आदि में आते हैं ,हमें नहीं...

पुण्य उत्पन्न करने वाले “अर्हं बीज़ अक्षर” यानि अरिहंत का प्रभाव

https://youtu.be/0ocbmjxpugc सिर्फ जैन धर्म में ही इस बीज़ अक्षर का उपयोग हुआ है, अन्य किसी भी धर्म में नहीं है.

भ्रम क्यों नहीं टूटता?

भ्रम क्यों नहीं टूटता?सत्य समझ में आ जाने के बाद भी अधिकतर किस्सों में भ्रम इसलिए नहीं टूटता क्योंकि जग में हँसी...

देव, गुरु और धर्म!

देव, गुरु और धर्म! देव वो हैं  जिनके  पास परम ज्ञान है, स्वयंबुद्ध है, जगत के नाथ हैं, करुणानिधान हैं, सभी के ...

पानी मन्त्रित कैसे होता है?

प्रश्न: पानी मन्त्रित कैसे होता है? उत्तर: ये बहुत "गूढ़ रहस्य" है,फिर भी...
jain tapasya

क्या तप करना जरूरी है?

जो तपस्वी हैं,उनकी अनुमोदना की जाने की बातजैन शास्त्रों में है.जिसने तप को "पकड़" लिया है,तो उसके लिए तप करना कठिन नहीं...
chintamani mantra

चिंतामणि मंत्र – सारी चिंताओं का नाश!

https://youtu.be/XWTM2QMSG30 मंदिर में भक्ति करने का आनंद ही अलग है. ये रिकॉर्डिंग सम्मेद शिखर जी में...

अभयदयाणं

अभयदयाणं शत्रु का भयमित्र और रिश्तेदारों के रूठने का भयमाता-पिता के अस्वस्थ होने का भयबच्चों के बिगड़ जाने...