महावीर वाणी -1

भगवान   महावीर ने  कहा  : "अप्पा  मे  सच्च भेसेज्जा" सत्य  की  खोज  तुम  स्वयं  करो जैन धर्म ये कहता है की एक सच्चे गुरु की खोज के लिए...

धन्य जैन धर्म!

क्या भगवान महावीर ने अपने साधुओं को बहुत अधिक और श्रावकों को बहुत कम दिया है? इसका उत्तर है : नहीं न सिर्फ "भगवान महावीर" ने बल्कि...

लघुशांति स्मरण महिमा

श्री लघु शान्ति स्तोत्र (शान्तिं शान्ति निशांतम्....) तक्षशिला नगरी में महामारी के समय सारे शासनदेवता मिलकर भी एक दुष्ट शाकम्भरी देवी को जीत नहीं पाये. स्वयं शासनदेवताओ  ने...

महामंत्र नवकार

प्रश्न: जब "नवकार" जैसा महामंत्र जैनों के पास हैं तो फिर हमारे ही गणधरों ने हजारों  जैन मंत्रो  की रचना क्यों की? उत्तर: क्योंकि जो महामंत्र "भव -निवारण" यानि ...

“ह्रीं” बीजाक्षर अपने आप में पूर्ण मंत्र है

जैन मंत्र विज्ञान: जैन मंत्र विज्ञान को ना जानने के कारण ही आज जैनी इधर उधर फालतू भागते फिरते है. जो मंत्र विज्ञान की पुस्तके छपाते है वो...

हेमचन्द्राचार्य

क्या   आप  जानते  हैं कि हमारे पूर्व आचार्यों में से एक ने १-२ लाख श्लोक नहीं, १०-२० लाख श्लोक नहीं बल्कि ३.५ करोड़ श्लोक लिखे हैं?   जो ये बात...

जैनों में संगठन!

"जैनों में संगठन" जब जब विभिन्न सम्प्रदाय एवं पंथों के जैनों में "संगठन" की बात कही जाती है तो समझ लेना कि वो रहते तो "संग" में हैं परन्तु उनकी...

गिरिराज गिरनार

"सिद्धाणं बुद्धाणं " सूत्र से :- "उज्जिन्तसेलसिहरे  दिक्खा नाणं  निसीहिया जस्स तँ धम्म चक्क वट्टिम अरिट्ठ नेमिं नमंसामि" "श्री अरिष्टनेमि धर्मचक्रवर्ती जिनका  दीक्षा, केवलज्ञान और मोक्ष गिरनार पर्वत के...

“धर्म” संकट

जब जब कोई ये कहता है की अपने  "धर्म" पर संकट आ गया है उसी समय ये समझ लेना चाहिए कि संकट धर्म पर नहीं बल्कि उनके "सम्प्रदाय" पर...

धन्य जैन धर्म

धन्य जैन धर्म : ये फोटो किसी दुल्हन की नहीं जो सोलह श्रृंगार किये लग्न की वेदी पर जाने के लिए तैयार है   "मोक्ष" रुपी "वर" को...