अगले भव का बीमा

“वर्षों के बाद” आज आपका “सपना” पूरा हुआ है.

काफी वर्षों के बाद…
पैसा बचाने के बाद….
आप “Sedan Car” लेते हो.
एक हफ्ते के बाद ही हाईवे पर
आप अपनी कार को 130 की स्पीड
पर चला कर “मजा” ले रहे हो.

और अचानक !
वो “घटित” होता है जो किसी ने तो क्या,
आपने अपने बारे में कभी नहीं सोचा था.

बस मनुष्य भव को भी वैसा ही समझ लें.
अनगिनत भवों के बाद
(काफी कोशिश से नहीं, पूर्व जन्म के पुण्य के कारण; और वो पुण्य क्या था, हमें नहीं पता)
“ये” जन्म मिला है.

मनुष्य भव का “मजा” लेते लेते कब क्या हो जाएगा,
क्या पता !
अचानक से ही तो सब घटित होता है.
“कार” का तो “बीमा” होता है,
“अगले भव” का “बीमा” कौन करेगा?”
उत्तर है:
अगले भव का बीमा करेगा : “नवकार !”
(“कार” की “चमक” तो इसके आगे कुछ भी नहीं है).