अरिहंत उपासना – श्री वासुपूज्य स्वामी यंत्र

अरिहंत उपासना

पूर्व कृत कर्मों का नाश,
सुखी जीवन और
मोक्ष भी निश्चित!

कन्द मूल और रात्रि भोजन का त्याग करना,
रोज नवकारसी करना.

वासु पूज्य स्वामी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक और धूप करना. इनमें से एक भी नहीं करने का कोई ऑप्शन नहीं है.

समय : सवेरे 5-7 के बीच

माला शुरू करने से पहले यथाशक्ति दान
(गौशाला या भिक्षुक भोजन के अलावा)

 

रोज की माला

सोमवार, मंगल, बुधवार को 1
(उच्चारित करते हुवे)

गुरु, शुक्र, शनिवार को 2
(पहली उच्चारित, दूसरी मौन)

रविवार को 3
(पहली उच्चारित, दूसरी मौन, तीसरी उच्चारित करते हुवे)

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