साधना के वो 7 दिन

साधना के 7 दिन
——————
(धर्म चक्र मंत्र आराधना)

अंकल जी To be honest ….
आज यही अनुभव हो रहा है कि एक स्थानकवासी परिवार में…. जन्म लेकर मैंने अपनी जिंदगी के इतने साल waste कर दिए ।

सीखा बहुत कुछ, ज्ञान भी पाया
पर उस ज्ञान को जीवन में कैसे apply करना
ये सिखाने वाला कोई नहीं था ।

जब भी गुरुदेव के दर्शन करने जाते
एक साथ 5-5 सामायिक भी की ,
पर समता रखना नहीं आया । ?

साधना करते हुए 7 दिन हुए ,
और ये 7 दिन मेरी पिछली पूरी जिंदगी से अलग और स्वर्णिम हैं ।

काश ! ये साधना, ये ध्यान पहले सीख लिया होता ।
– MP से
सार :
—–

जीवन की प्रारंभिक शिक्षा कभी फालतू नहीं होती.
प्राइमरी एजुकेशन में सभी को सारे सब्जेक्ट्स पढ़ाये जाते हैं ..
ग्रेजुएशन के समय तक भी ऐसे अनेक सब्जेक्ट्स होते हैं
जिनका जीवन में कोई उपयोग नहीं होता.
पर इन्हीं से हमें अपने भविष्य के लिए चुनना होता है.
ज्ञान अलग है, डिग्री अलग है, अनुभव होना अलग है…

पर धर्म के विषय में गड़बड़ तब होती है
जब शास्त्रों को ही जब सब कुछ समझ लिया जाता है
ये गड़बड़ आज भी हो रही है.. लगातार..

शास्त्र इतने सरल होते तो इतना सब लिखने की जरूरत नहीं पड़ती

शास्त्र उस भाषा में लिखे हुवे हैं
जिस भाषा का आम जनता में कोई प्रचलन नहीं रहा.

शास्त्र ही यदि सब कुछ हैं…
तो शास्त्रों में *विवेक* की बात करने की
जरूरत ही कहाँ थी!

और द्रव्य, क्षेत्र, काल और भाव की बात की भी
जरूरत कहाँ रहती!

शास्त्रों के आधार पर विधि बनाई जाती है…
ये विधियां अनेक प्रकार की होती हैं..
पर हमने इसमें भी संप्रदाय को घुसा दिया.

इसीलिए jainmantras.com में साधना की विधियां अलग अलग बताई हैं जब ग्रुप में साधना करते हैं तो सबके लिए एक सी हैं ..

वरना अलग अलग भी, जैसी जरूरत पड़े !

विशेष:
******

“साधना” Golden Gate है.

गोल्डन गेट तक पहुँचने के लिए स्वयं को तैयार भी करना होता है

आगे फिर मिलता है : Gold ही Gold !

?महावीर मेरा पंथ ?
jainmantras.com

Advertisement

spot_img

जैन धर्म को शुद्ध...

केवली कहते हैं कि 1 लाख मुख से नवकार...

भक्ति की शक्ति तभी...

जैन मंत्रों का प्रभाव जो पहले से धर्म से जुड़...

किसी ने पूछा कि...

जिज्ञासा: किसी ने पूछा कि "तप" करने से कर्म कटते हैं. उस...

अरिहंत उपासना – श्री...

अरिहंत उपासनापूर्व कृत कर्मों का नाश, सुखी जीवन और मोक्ष भी...

आत्मा से विमुख हर...

जैनों के कुछ संप्रदाय "देव-देवी" की सहायता लेने के...

जैन धर्म में “तापसी”...

जैन धर्म में "तापसी" के "तप" को बहुत "हल्का" बताया...

जैन धर्म को शुद्ध रूप से कैसे अपनाएं?

केवली कहते हैं कि 1 लाख मुख से नवकार की महिमा कही जाए तो भी पूरी नहीं हो सकेगी.आज? कितने व्याख्यान सुने नवकार की महिमा...

भक्ति की शक्ति तभी आती है जब सर्वज्ञ भगवान की महिमा पर विश्वास हो

जैन मंत्रों का प्रभाव जो पहले से धर्म से जुड़ गए हैं उन्हें परिणाम अपने आप मिलता है, जो परिणाम के लिए धर्म क्रिया करते...

किसी ने पूछा कि “तप” करने से कर्म कटते हैं. उस से “आत्मा” प्रकाशित होती है. तो फिर उसका पता कैसे चले...

जिज्ञासा: किसी ने पूछा कि "तप" करने से कर्म कटते हैं. उस से "आत्मा" प्रकाशित होती है. तो फिर उसका पता कैसे चले कि आत्मा हलकी हुई है या कर्म...

अरिहंत उपासना – श्री वासुपूज्य स्वामी यंत्र

अरिहंत उपासनापूर्व कृत कर्मों का नाश, सुखी जीवन और मोक्ष भी निश्चित!कन्द मूल और रात्रि भोजन का त्याग करना, रोज नवकारसी करना.वासु पूज्य स्वामी की प्रतिमा या...

आत्मा से विमुख हर साधना “मिथ्यात्त्व” है

जैनों के कुछ संप्रदाय "देव-देवी" की सहायता लेने के पक्ष में नहीं हैं. उनकी मान्यता के अनुसार ये "मिथ्यात्त्व" है. (आत्मा से विमुख हर साधना "मिथ्यात्त्व"...

जैन धर्म में “तापसी” के “तप” को बहुत “हल्का” बताया गया है

जैन धर्म में "तापसी" के "तप" को बहुत "हल्का" बताया गया हैक्योंकि उसमें "अज्ञानता" है, सिर्फ तप से तप रहा है.( ऐसे तप से उसमें भयंकर...

जैन वो हैं जिनके चेहरे से भी पुण्य झलकता है, ये पुण्य अरिहंत की शरण लेने से मिलता है

जैन वो हैं जिनके चेहरे से भी पुण्य झलकता है, ये पुण्य 🌹अरिहंत की शरण🌹 लेने से मिलता है. गर्भ से ही जैन सूत्रों और मंत्रों...

Jainmantras.com द्वारा प्रसारित अकेले लघु शांति ने हज़ारों लोगों को जैन धर्म के प्रति जाग्रति दी है और चैन की नींद भी!

Jainmantras.com ग्रुप की शुरुआत में सभी को पांच सूत्र रोज करने को कहा है, ताकि श्रावक अपना जीवन सुखमय और धर्ममय कर सकें.इन सबके...

श्रावकों को इधर उधर भटकना बंद करके जैन मंत्रों पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए

श्रावकों को इधर उधर भटकना बंद करके जैन मंत्रों पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए.ये मनुष्य भव ही है जिसमें उत्कृष्ट साधना करते हुवे जीवन सुख...