ह्रीं श्रीं अंबिका देवी राहू ग्रह पूजिताय गिरनार मंडन श्री नेमिनाथाय नम :

सबसे विशिष्ट मंत्र :

ह्रीं श्रीं अंबिका देवी राहू ग्रह पूजिताय
गिरनार मंडन श्री नेमिनाथाय नम :

रोज मात्र 18 बार जाप करने से
सूर्य और चंद्र ग्रहण
दोनों दोषों का नाश हो जाता है.

ये मंत्र जिसे सिद्ध है वो ग्रहण के समय नया कार्य भी शुरू करेगा तो उसे सफलता मिलेगी.

ये जैन मंत्र है.

राहु ग्रह शांत रहेगा
अंबिका देवी की सहायता भी मिलेगी
और नेमिनाथ भगवान की भक्ति भी होगी!

विशेष :

ये मंत्र अपने नाम से प्रकाशित करने वाला या Jainmantras.com का नाम हटा कर प्रकाशित करने वाला घोर कष्ट में पड़ेगा, सावधान रहें.

फिर दूसरा कोई उपाय काम भी नहीं लगेगा,
इसे चेतावनी समझना.

मंत्र रचयिता :

महावीर मेरा पंथ

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जैन सामायिक में मंत्र, यन्त्र और तंत्र तीनों का प्रयोग एक साथ होता है
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