mati gyan and shrut gyan jainmantras

पात्र और पात्रता

१. कुछ खीर राजा की थाली (पात्र) में है.
२.  कुछ खीर सेठ की थाली में है.

३. कुछ खीर भिखारी के पात्र में है.

सारी खीर की क्वालिटी एक  सी है.

क्या कोई भिखारी के पात्र में पड़ी
खीर को लेने की सोच भी सकता है?

 

५. एक साधू के पात्र में पड़ी हुई
खीर के बारे में आपका क्या ख्याल है?

जब तक व्यक्ति में साधू बनने की पात्रता न हो,
तब तक उसे दीक्षा दी भी नहीं जाती.

नियम तो यही है, कोई उसे फॉलो करे या ना करे!

More Stories
chandra prabhu swami
धर्म को सोने से भी ज्यादा मूल्यवान क्यों माने ?
error: Content is protected !!