जिओ और जीने दो – अहिंसा के नाम पर जैनी कहीं कायर तो नहीं हो गए? अहिंसा का गलत अर्थ क्यों लगा बैठे?

जैन धर्म बड़ा सूक्ष्म और रहस्यों से भरा हुआ है. जैन धर्म के सम्बंध में मात्र ऊपरी बातेँ ही बार बार सुनने, धर्म क्रियायों पर अत्यधिक जोर देने के बावजूद मूल संस्कारों का लुप्त जैसा होना, ये सब बातेँ विचार करने जैसी हैं…..

More Stories
भक्तामर स्तोत्र में “सूर्य” का वर्णन बार बार क्यों आया है? भाग -2
error: Content is protected !!