(धन की कमी, धंधा रोजगार, घर में अशांति, मैली विद्या, शत्रु से परेशानी, पैसे फंसने, शादी होने से पहले और बाद की समस्याएं, बार बार miscarriage होना, पढ़ाई में रुकावट, जॉब छूटना, तबियत ठीक न होना, किसी बात जैसे कोरोना महामारी, कैंसर आदि से भय लगना, सरकारी और अन्य कोर्ट के मामले, आदि)

 

और

घर में सुख चैन, समृद्धि के लिए
घर के हर सदस्य इस मंत्र का जाप दो माला से करें.

 

एक माला उच्चारण से और दूसरी मौन.

1 गृह मंदिर में बैठ कर,
2 दीपक और धूप करें,
3 आत्म रक्षा स्तोत्र पढ़कर,
4 भद्रबाहु स्वामी और मानतुंग सूरी को नमस्कार करते हुवे (अन्य किसी गुरु को नहीं)
5 धर्नेन्द्र और पद्मावती को नमस्कार करना

6 पांच नवकार पांच श्वास में पूरे करना
(पांच बार श्वास लेना और छोड़ना, इतने समय में पूरे करना – खास ध्यान रखना)

7 समय रात्रि के 8-10 बजे के बीच

 

यदि घर के सभी सदस्य एक साथ जाप करना चाहें तो मात्र 27 बार ही करें, इससे अधिक किसी भी स्थिति में न करें.

1 अंतराय के समय बहिनें 5 वें दिन से जाप शुरू करें.
2 शरीर में कोई फोड़ा फुंसी जिससे मवाद निकलता हो

तो इन दिनों स्थितियों में जाप नियत समय पर
मन में ही करना, बंद न करना.

शरीर में शक्ति ही न हो, उस दिन जाप 18 बार ही करना,
जबरदस्ती माला पूरी करने पर उसका फल मिलता नहीं है.

इससे पहले जिनको को बताया हुआ है, वो वही मंत्र चालू रखें और मंत्र जोड़ने की जरूरत नहीं है.

🌹 महावीर मेरा पंथ 🌹
Jainmantras.com