अद्भुत श्री पद्मावती देवी

 जाप मंत्र:
 
ॐ ह्रीं श्रीम्
पद्मावती पद्मनेत्रे पद्मासने
लक्ष्मीदायिनी वाञ्छापूर्णि
म म
ऋद्धिम् सिद्धिम् जयं
कुरु कुरु स्वाहा !!
 
रोज मात्र 18 बार गुनें.
 
100% कार्य सिद्धि.
 

विशेष:

पद्मावती देवी (padmavati devi) एक भव तारी है यानि अगला जन्म लेकर मोक्ष में जाने वाली है.
श्री पार्श्वनाथ भगवान की सेवा में रहती है, जो पार्श्वनाथ भगवान की सेवा करता है, उसे पद्मावती देवी की “आराधना” करने की जरूरत नहीं है, मात्र “हाथ जोड़ना” पर्याप्त  है.

ये मंत्र “सिद्ध” किया हुआ है.

फोटो और मंत्र  फेसबुक पर jain mantras  या  jainmantras.com  लिख कर वहां दी गयी पोस्ट से डाउनलोड लेवें.

 

Advertisement

spot_img

जैन धर्म को शुद्ध...

केवली कहते हैं कि 1 लाख मुख से नवकार...

भक्ति की शक्ति तभी...

जैन मंत्रों का प्रभाव जो पहले से धर्म से जुड़...

किसी ने पूछा कि...

जिज्ञासा: किसी ने पूछा कि "तप" करने से कर्म कटते हैं. उस...

अरिहंत उपासना – श्री...

अरिहंत उपासनापूर्व कृत कर्मों का नाश, सुखी जीवन और मोक्ष भी...

आत्मा से विमुख हर...

जैनों के कुछ संप्रदाय "देव-देवी" की सहायता लेने के...

जैन धर्म में “तापसी”...

जैन धर्म में "तापसी" के "तप" को बहुत "हल्का" बताया...

जैन धर्म को शुद्ध रूप से कैसे अपनाएं?

केवली कहते हैं कि 1 लाख मुख से नवकार की महिमा कही जाए तो भी पूरी नहीं हो सकेगी.आज? कितने व्याख्यान सुने नवकार की महिमा...

भक्ति की शक्ति तभी आती है जब सर्वज्ञ भगवान की महिमा पर विश्वास हो

जैन मंत्रों का प्रभाव जो पहले से धर्म से जुड़ गए हैं उन्हें परिणाम अपने आप मिलता है, जो परिणाम के लिए धर्म क्रिया करते...

किसी ने पूछा कि “तप” करने से कर्म कटते हैं. उस से “आत्मा” प्रकाशित होती है. तो फिर उसका पता कैसे चले...

जिज्ञासा: किसी ने पूछा कि "तप" करने से कर्म कटते हैं. उस से "आत्मा" प्रकाशित होती है. तो फिर उसका पता कैसे चले कि आत्मा हलकी हुई है या कर्म...

अरिहंत उपासना – श्री वासुपूज्य स्वामी यंत्र

अरिहंत उपासनापूर्व कृत कर्मों का नाश, सुखी जीवन और मोक्ष भी निश्चित!कन्द मूल और रात्रि भोजन का त्याग करना, रोज नवकारसी करना.वासु पूज्य स्वामी की प्रतिमा या...

आत्मा से विमुख हर साधना “मिथ्यात्त्व” है

जैनों के कुछ संप्रदाय "देव-देवी" की सहायता लेने के पक्ष में नहीं हैं. उनकी मान्यता के अनुसार ये "मिथ्यात्त्व" है. (आत्मा से विमुख हर साधना "मिथ्यात्त्व"...

जैन धर्म में “तापसी” के “तप” को बहुत “हल्का” बताया गया है

जैन धर्म में "तापसी" के "तप" को बहुत "हल्का" बताया गया हैक्योंकि उसमें "अज्ञानता" है, सिर्फ तप से तप रहा है.( ऐसे तप से उसमें भयंकर...

जैन वो हैं जिनके चेहरे से भी पुण्य झलकता है, ये पुण्य अरिहंत की शरण लेने से मिलता है

जैन वो हैं जिनके चेहरे से भी पुण्य झलकता है, ये पुण्य 🌹अरिहंत की शरण🌹 लेने से मिलता है. गर्भ से ही जैन सूत्रों और मंत्रों...

Jainmantras.com द्वारा प्रसारित अकेले लघु शांति ने हज़ारों लोगों को जैन धर्म के प्रति जाग्रति दी है और चैन की नींद भी!

Jainmantras.com ग्रुप की शुरुआत में सभी को पांच सूत्र रोज करने को कहा है, ताकि श्रावक अपना जीवन सुखमय और धर्ममय कर सकें.इन सबके...

श्रावकों को इधर उधर भटकना बंद करके जैन मंत्रों पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए

श्रावकों को इधर उधर भटकना बंद करके जैन मंत्रों पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए.ये मनुष्य भव ही है जिसमें उत्कृष्ट साधना करते हुवे जीवन सुख...