हे प्रभु!

वीर वीर!
महावीर!!!

तार देना!
पार लगा देना!!

मुझ में शक्ति नहीं
और कुछ भले न सही
पर तेरे नाम की भक्ति रही
समय कम है..
मेरे पास यही भव है…
भक्ति के थोड़े से भाव हैं….
जिस में तुम्हें नित्य नमस्कार है….


इक्कोवि नमुक्कारो जिणवर
वसहस्स वद्धमाणस्स
संसार सागराओ,
तारेइ नरं व नारिं वा.

गणधरों ने ये बता कर
कितना बड़ा उपकार हम पर किया है!

?महावीर मेरा पंथ ?

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एक श्रावक एक जैन मुनि का “baby” version ही है.
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