विविध

भक्ति की शक्ति तभी...

जैन मंत्रों का प्रभाव जो पहले से धर्म से जुड़...

Jainmantras.com द्वारा प्रसारित अकेले...

Jainmantras.com ग्रुप की शुरुआत में सभी को पांच सूत्र...

मनुष्य जीवन में साधना...

मनुष्य जीवन की सुंदरता ये है कि उसका मन...

भव आलोचना

भव आलोचना- स्वयं के गुरु बने रहने का प्रोपेगैंडा (जीवन...

Covid 19 के भय...

बार बार कहता हूं - ये मनुष्य जन्म बचा...

जैनों की तपस्या कैसी...

बिना विवेक के तपस्या करने वालों के लिए ये...

सामायिक एक श्रावक की...

सामायिक एक श्रावक की !सामायिक करते समय क्या श्रावक...

भजन कौन-से गाएं?

बहुत ही महत्वपूर्ण-----------------------जय जिनेन्द्र ?कष्ट, संकट,दुर्भाग्य मिटे,संकट कटे,पीरा मिटे,दरिद्र...

भ्रम क्यों नहीं टूटता?

भ्रम क्यों नहीं टूटता?सत्य समझ में आ जाने के...

और भी घूमना बाकी...

और भी घूमना बाकी है?पढ़ कर विचार करना. हम...

अभयदयाणं

अभयदयाणंशत्रु का भयमित्र और रिश्तेदारों के रूठने का भयमाता-पिता...

एक लेखक का मौन

लिखते समय एक लेखकमौन धारण किए दिखता है.परन्तु वास्तव...

Explore more titles

जैन धर्म को शुद्ध रूप से कैसे अपनाएं?

केवली कहते हैं कि 1 लाख मुख से नवकार की महिमा कही जाए तो भी पूरी नहीं हो सकेगी.आज? कितने व्याख्यान सुने नवकार की महिमा...

भक्ति की शक्ति तभी आती है जब सर्वज्ञ भगवान की महिमा पर विश्वास हो

जैन मंत्रों का प्रभाव जो पहले से धर्म से जुड़ गए हैं उन्हें परिणाम अपने आप मिलता है, जो परिणाम के लिए धर्म क्रिया करते...

किसी ने पूछा कि “तप” करने से कर्म कटते हैं. उस से “आत्मा” प्रकाशित होती है. तो फिर उसका पता कैसे चले...

जिज्ञासा: किसी ने पूछा कि "तप" करने से कर्म कटते हैं. उस से "आत्मा" प्रकाशित होती है. तो फिर उसका पता कैसे चले कि आत्मा हलकी हुई है या कर्म...

अरिहंत उपासना – श्री वासुपूज्य स्वामी यंत्र

अरिहंत उपासनापूर्व कृत कर्मों का नाश, सुखी जीवन और मोक्ष भी निश्चित!कन्द मूल और रात्रि भोजन का त्याग करना, रोज नवकारसी करना.वासु पूज्य स्वामी की प्रतिमा या...

आत्मा से विमुख हर साधना “मिथ्यात्त्व” है

जैनों के कुछ संप्रदाय "देव-देवी" की सहायता लेने के पक्ष में नहीं हैं. उनकी मान्यता के अनुसार ये "मिथ्यात्त्व" है. (आत्मा से विमुख हर साधना "मिथ्यात्त्व"...

जैन धर्म में “तापसी” के “तप” को बहुत “हल्का” बताया गया है

जैन धर्म में "तापसी" के "तप" को बहुत "हल्का" बताया गया हैक्योंकि उसमें "अज्ञानता" है, सिर्फ तप से तप रहा है.( ऐसे तप से उसमें भयंकर...

जैन वो हैं जिनके चेहरे से भी पुण्य झलकता है, ये पुण्य अरिहंत की शरण लेने से मिलता है

जैन वो हैं जिनके चेहरे से भी पुण्य झलकता है, ये पुण्य 🌹अरिहंत की शरण🌹 लेने से मिलता है. गर्भ से ही जैन सूत्रों और मंत्रों...

Jainmantras.com द्वारा प्रसारित अकेले लघु शांति ने हज़ारों लोगों को जैन धर्म के प्रति जाग्रति दी है और चैन की नींद भी!

Jainmantras.com ग्रुप की शुरुआत में सभी को पांच सूत्र रोज करने को कहा है, ताकि श्रावक अपना जीवन सुखमय और धर्ममय कर सकें.इन सबके...

श्रावकों को इधर उधर भटकना बंद करके जैन मंत्रों पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए

श्रावकों को इधर उधर भटकना बंद करके जैन मंत्रों पर पूर्ण विश्वास रखना चाहिए.ये मनुष्य भव ही है जिसमें उत्कृष्ट साधना करते हुवे जीवन सुख...

Advertisement

spot_img